Posted -on 18 November 2009 by Vinay N. Joshi

Prof. M. P. Punia. {Bikaner News & Photo : ChhotiKashi.com / Suraj Pareek}
बीकानेर, 18 नवम्बर। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एम. पी. पूनिया ने कहा कि ऊर्जा मानव के विकास का मुख्य आधार है, जिसका संरक्षण जरुरी है। वर्तमान समय में ऊर्जा की आवश्यकता हर क्षेत्र में बढ़ रही है। ऊर्जा व इसके उचित प्रबन्धन के बिना मानव जाति का विकास संभव नहीं है, आज ऊर्जा संरक्षण पर कम ध्यान दिया जा रहा है। ऊर्जा के उत्पादन व खपत में बहुत अन्तर है। इस अन्तर को ऊर्जा के उचित प्रबन्धन व संरक्षण के बारे में लोगों को जागरुक करके ही कम किया जा सकता है। बुधवार दोपहर अपने कक्ष में आयोजित प्रेस-कॉन्फे्रंस में उन्होंने छोटीकाशी डॉट कॉम को बताया कि किसी भी राष्ट्र में ऊर्जा की मांग उसकी समृध्दि एवं विकास की द्योतक है।

Report By Journalist Sanjay Joshi
डा. पूनिया ने कहा कि वर्तमान समय में हर क्षेत्र में ऊर्जा की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में भविष्य की मांग की पूर्ति के लिए नवीन ऊर्जा स्रोत एवं वर्तमान ऊर्जा प्रबन्धन विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन इंजीनियरिंग कॉलेज, बीकानेर के यांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली तथा गैर परम्परागत ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित संगोष्ठी 20 नवम्बर से शुरु हो रही है। महाविद्यालय के प्राध्यापकों व शोध छात्रों में संगोष्ठी को लेकर काफी उत्सुकता है। बकौल डा. पूनिया आदमी ऊर्जा की कमी को बिजली कटौती के रुप में झेल रहा है। ऊर्जा की प्रति व्यक्ति खपत कम करनी होगी। भारत को विकसित देशों की श्रेणी में आना है तो ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना ही पडेग़ा। ऊर्जा के खपत की बात के साथ उन्होंने कहा कि ऑडिट करवाई जाए, तभी ऊर्जा की अनावश्यक खपत को भी रोका जा सकता है। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी बीकानेर के प्राचार्य प्रो. आर. सी. गौड़ ने प्रेस-कॉन्फे्रंस में बताया कि संगोष्ठी के माध्यम से सभी को संदेश मिलेगा कि किस प्रकार से ऊर्जा संरक्षण किया जाए? ऊर्जा का दोहन कैसे किया जाए? तथा ऊर्जा के नवीन स्रोतों से अधिकाधिक ऊर्जा कैसे प्राप्त की जाए? संगोष्ठी के समन्वयक ओ. पी. जाखड़ ने बताया कि इस संगोष्ठी में सम्पूर्ण भारत के करीब 100 से अधिक शोधकर्ता भाग लेंगे तथा सम्बन्धित विषय विशेषज्ञों द्वारा शोधपत्र वाचन किया जाएगा। चार सत्र में होने वाली संगोष्ठी के प्रथम सत्र के अन्तर्गत शुक्रवार को एम.एन.आई.टी. जयपुर के प्रो. एस.एल.सोनी तथा चैयरमेन तथा डा. जी.एस.ग्रेवाल, उपनिदेशक एवं हैड तकनीकी प्रबन्धक, इरडा, बड़ौदा कीनोट स्पीकर होंगे। आस्ट्रेलिया के ऊर्जा विशेषज्ञ प्रो. आर. सी. बंसल तथा समापन सत्र में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के शोध व विकास विभागाध्यक्ष डा. राकेश कुमार संगोष्ठी के समस्त सत्र अपना सारगर्भित व्याख्यान देंगे। संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में इंजीनियर एम.एस. फगेड़िया, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, डा. एस. एस. कच्छावा मुख्य वक्ता, होंगे। संगोष्ठी के तृतीय सत्र में डा. प्रताप सिंह, डा. एन.एस. राठौड़, चतुर्थ सत्र में ए.एन.माथुर, डा. एस. चटर्जी मुख्य वक्ता होंगे। बकौल डा. जाखड़ उक्त दो दिवसीय संगोष्ठी में देश-विदेश से आए ऊर्जा विशेषज्ञ देश में ऊर्जा के संकट से उबारने के उपाय सुझाने के साथ-साथ ऊर्जा के नए स्रोतों की जानकारी देंगे। इस मौके उन्होंने संगोष्ठी के लिए बने फोल्डर कम रजिस्ट्रेशन फार्म को भी जारी किया।
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