आंदोलित नहरकर्मियों की मांगों पर ध्यान नह
Posted on 10 July 2008 by Vinay N. Joshi
बीकानेर, 10 जुलाई। लगभग 4 माह से आन्दोलित नहरकर्मियों की जायज मांगों पर सरकार व नहर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। संघर्ष के प्रति बेरुखी से नहर विभाग के मजदूर, कर्मचारी व अभियन्ताओं में रोष फैल गया है। अपने आन्दोलन को अब वे किसी भी स्तर पर ले जाने हेतु तैयार हो गए हैं। इसी कडी में आगामी 1 अगस्त को बीकानेर कलैक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव की घोषणा करते हुए सम्बन्धित 9 कर्मचारी संगठनों के सूत्रधार इन्दिरा गांधी नहर परियोजना संयुक्त संघर्ष समिति के संरक्षक लक्ष्मणसिंह चौधरी, संयोजक भंवरलाल पुरोहित ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि उनकी 7 सूत्री मांगों को लेकर 19 जुलाई को नहर विभाग के मुख्य अभियन्ता कार्यालय के समक्ष गेट मीटिंग, 22 जुलाई को कलैक्ट्रेट पर क्रमिक अनशन जो 28 जुलाई को आमरण अनशन का रुप लेकर 1 अगस्त से महापड़ाव के रुप में परिवर्तित हो जाएगा। प्रदेश के 12 कलेक्टरों को इस सम्बन्ध में सूचित किया जा रहा है क्योंकि इस महापड़ाव में परियोजना के समस्त मुख्यालय बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर, लूणकरणसर, रावतसर, तारानगर, नाचना, मोहनगढ़, रामगढ़, मलकीसर, राजियासर, खारा, हुसंगसर, बाू, बीकमपुर, कोलायत, गजनेर से प्रत्येक मजदूर, कर्मचारी एवं अभियन्ता अपने-अपने मुख्यालय-कार्यक्षेत्र को छोड़कर बीकानेर जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने उपस्थित होंगे। चौधरी के मुताबिक सरकार की सोच में राजनीति हावी है जिसे कोई प्रभावित नहीं कर पा रहा है। नहरकर्मियों की फील्ड में भय के साथ काम करने की जानकारी देते हुए चौधरी ने बताया कि नामजद दर्ज एफआईआर के बावजूद नहरकर्मियों के साथ मारपीट का आरोपी जीवण खां आज तक गिरफ्तार नहीं हुआ है। पानी वितरण में भी कई जगह राजनैतिक दबाव को स्वीकारते हुए समिति संरक्षक ने बताया कि आन्दोलन-महापड़ाव का तरीका सही बात को मनवाने के दबाव भरे प्रयासों के बावजूद गांधीवादी रहेगा। 7 सूत्री मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्य रुप से सभी नहर कर्मकारों को इसी क्षेत्र में न्यूनतम दर पर एक-एक सिंचित मुरब्बों का आवंटन, कॉलोनियों में आसान किश्तों पर प्लॉट का आवंटन, परियोजना भत्तों में परिवर्तन, परियोजना में नहरी थानों की स्थापना सहित अन्य मांगे हैं। चौधरी के मुताबिक नहर प्रशासन एवं सरकार ने नीतिगत तो मान लिया है मगर आदेश अभी तक क्यों नहीं जारी हो रहे। लगभग 6 हजार कर्मचारियों, अभियन्ताओं-अधिकारियों की संख्या वाले नहर विभाग के लगभग समस्त लोग महापड़ाव में शिरकत करने फर्स्ट अगस्त को बीकानेर पहुंचेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि उनका ध्येय कतई यह नहीं है कि सरकारी स्कीमें या काम बाधित हो हमारी वेदना सरकार के समक्ष रख रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्य लेखाधिकारी संगठन के राजकुमार व्यास, समिति के कमल अनुरागी, अशोक थानवी, श्याम तिवाड़ी, ज्ञान गोस्वामी आदि नेतागण भी मौजूद थे।






