चुनाव में धांधली के आरोप, मीडिया से रुबरु होकर समाज के सामने लाने की कोशिश करेंगे हुकमचंद कांटा ! – Chhotikashi.com

चुनाव में धांधली के आरोप, मीडिया से रुबरु होकर समाज के सामने लाने की कोशिश करेंगे हुकमचंद कांटा !

बीकानेर, 17 जून। श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के बीते रविवार को हुए चुनाव में धांधली किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी हुकमचंद कांटा ने शनिवार को मीडिया से रूबरू होकर इस धांधली को समाज के सामने लाने की कोशिश बताई है। कांटा के अनुसार इस चुनाव में शहर के 80 वार्डों में रहने वाले स्वर्णकार समाज के लोग ही मतदाता हो सकते थे लेकिन अध्यक्ष पद पर विजयी प्रत्याशी मनीष लांबा ने मतदाता सूची में अन्य उपजाति के लोगों को जोड़ कर फर्जी वोटर लिस्ट तैयार करवाई। वोटर लिस्ट मेें शामिल किए गए वोटर्स का वेरिफिकेशन भी नहीं किया गया। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद चुनाव संचालन समिति के पदाधिकारी जिसमें मुख्य चुनाव अधिकारी शिवनारायण सोनी मौसूण व श्याम शहरी कड़ेल ने अपने चहेते प्रत्याशी मनीष लांबा के समर्थन में चुनाव समिति से अपना इस्तीफा दे दिया, जो पूरी तरह से चुनाव संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी मनीष लांबा के द्वारा चुनाव से चार-पांच महीने पहले ही अपने समर्थकों द्वारा प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर स्वर्णकार समाज की एक वोटर लिस्ट के लिए अलग-अलग डायरियों में आवेदन पत्र भरवाए गए। एक डायरी में सौ लोगों के नाम वोट के लिए लिखे गए तथा इसकी एक रसीद वोटर को दी गई। रसीद के नीचे एक लक्की ड्रा कूपन के माध्यम से प्रलोभन भी दिया गया था। यह डायरियां श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के चुनाव संचालन समिति के कार्यालय में मनीष लांबा के समर्थकों द्वारा जमा करवाई गईं। ज्यादातर वोटर लिस्ट में आवेदन का कार्य मनीष लांबा की ओर से मनोनीत सदस्यों ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में दस हजार से ज्यादा मतदाताओं में से तकरीबन तीन हजार से ज्यादा मतदाता फर्जी तरीके से ऐसे बनाए गए हैं जो बीकानेर क्षेत्र के नहीं हैं। शहर से बाहरी इलाके जैसे- श्रीगंगानगर, जोधपुर, नागौर, सूरतगढ़, भोलासर, अक्कासर, श्रीकोलायत, नापासर, भेलू, रासीसर आदि के निवासी हैं। समाज के लोग इनके पक्ष के नहीं हैं, उनके नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़े गए। उन्होंने बताया कि बार-बार मांगने पर चुनाव से 72 घंटे पहले ही उन्हें वोटर लिस्ट दी गई थी। जिसका प्रमाणीकरण चुनाव समिति की ओर से नहीं किया गया था। ये लिस्ट पीडीएफ फॉर्मेट में व्हाट्सएप के जरिए उन्हें दी गई, जिसमें बीकानेर और गंगाशहर के वोटर्स के ही नाम शामिल थे। जबकि विपक्षी प्रत्याशी मनीष लांबा को दी गई वोटर लिस्ट में वोटर्स के नाम, पूरा पता, वार्ड नम्बर व क्षेत्र आदि अंकित थे। वोटर लिस्ट प्राप्त होते ही उन्होंने चुनाव संचालन समिति के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया था लेकिन समिति ने अपनी असमर्थता प्रकट करते हुए कहा कि हमारे पास में जो वोटर लिस्ट थी, वह आपको दे दी है। हुकमचंद कांटा ने मीडिया को कहा कि उन्हें अपने पराजित होने का कोई मलाल नहीं है लेकिन जीत हासिल करने के लिए इस प्रकार की धांधली करने वाले को समाज के सामने लाना ही चाहिए।


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