चन्द्रयान-3 की सफलता से देश के प्रत्येक नागरिक का मस्तक हुआ ऊँचा : डाॅ. पुरोहित – Chhotikashi.com

चन्द्रयान-3 की सफलता से देश के प्रत्येक नागरिक का मस्तक हुआ ऊँचा : डाॅ. पुरोहित

बेसिक पीजी. महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान संस्था अध्यक्ष रामजी व्यास एवं संयुक्त निदेशक काॅलेज शिक्षा डाॅ. सीएस. रंगा भी रहे मौजूद बीकानेर। बेसिक पीजी. महाविद्यालय में ‘‘चन्द्रयान-3 की सफल लैंडिंग’’ के उपलक्ष्य में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस विज्ञान प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में आयुक्तालय काॅलेज शिक्षा राजस्थान, जयपुर के बीकानेर संभाग के सहायक निदेशक डाॅ. चन्द्रशेखर रंगा एवं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के प्राणिशास्त्र विभाग के संयोजक एवं राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर के प्राणिशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र पुरोहित, संस्था अध्यक्ष रामजी व्यास एवं महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. सुरेश पुरोहित उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि देश के लिए बड़े ही गर्व की बात है कि चन्द्रयान-3 ने चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिग की है, जो कि विश्व के 196 देशों में एकमात्र भारत देश है जिसने ये मुकाम हासिल किया है। इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाने के उद्देश्य से महाविद्यालय में दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वैज्ञानिक सोच, अभिरुचि, जागरूकता एवं नवाचारों को शामिल करते हुए अनेक माॅडलों का निर्माण कर उनका प्रदर्शन भी किया। प्रथम दिन बीकानेर शहर की सीनियर सैकण्डरी स्तर के लगभग 500 से अधिक स्कूली विद्यार्थी इस प्रदर्शनी से लाभान्वित हुवे। प्रदर्शनी के दौरान महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा अतिथियों एवं स्कूली विद्यार्थियों को सभी माॅडल के बारे में विस्तृत जानकारियां प्रदान करते हुए पृथ्वी और चंद्रमा के बीच आकार में असमानता, चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास से संबंधित परिकल्पना, चंद्रमा की सतह पर हाईलैंड्स तथा गहरे गड्ढों के साथ-साथ चंद्रमा के सबसे बडे क्रेटर और उच्चतम शिखर की अंतर्दृष्टि के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने चंद्रमा की सतह पर पानी के संभावित अस्तित्व और खगोल विज्ञान के क्षेत्रों में भी चर्चा की। इस अवसर पर अतिथियों ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चन्द्रयान से संबंधित विभिन्न यंत्रों व मॉडलों को देखकर विद्यार्थियों की विज्ञान के प्रति रुचि साफ झलक रही है। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी के दौरान सभी यंत्रों एवं माॅडलों की व्याख्या भी बहुत ही स्पष्ट ढंग से की है। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए विभिन्न आकर्षक एवं महत्वपूर्ण मॉडलों की प्रशंसा करते हुए उनका मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्द्धन भी किया। इस दौरान महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामजी व्यास एवं प्राचार्य डाॅ. सुरेश पुरोहित द्वारा अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय स्टाफ सदस्य डाॅ. मुकेश ओझा, डाॅ. रमेश पुरोहित, डाॅ. रोशनी शर्मा, वासुदेव पंवार, श्रीमती माधुरी पुरोहित, श्रीमती प्रभा बिस्सा, सौरभ महात्मा, विकास उपाध्याय, सुश्री अंतिमा शर्मा, श्रीमती प्रियंका आचार्य, अजय स्वामी, श्रीमती शालिनी आचार्य, श्रीमती प्रेमलता व्यास, सुश्री जया व्यास, डाॅ. नमामिशंकर आचार्य, हितेश पुरोहित, पंकज पाण्डे, गुमानाराम जाखड़, श्रीमती दीपिका जांगिड़, सुश्री खुशबू शर्मा, श्रीमती कृष्णा व्यास, शिवशंकर उपाध्याय, राजीव पुरोहित आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।


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