कृष्णगिरी तीर्थ में पार्श्वप्रभु के मोक्ष कल्याणक दिवस पर रथ यात्रा एवं 2895 लड्डुओं का लगाया भोग, अस्पतालों में मरीजों एवं जरूरतमंदों में हुआ वितरित

कृष्णगिरी तीर्थ में पार्श्वप्रभु के मोक्ष कल्याणक दिवस पर रथ यात्रा एवं 2895 लड्डुओं का लगाया भोग, अस्पतालों में मरीजों एवं जरूरतमंदों में हुआ वितरित

पार्श्वप्रभु की भक्ति करें, मां पद्मावती की परम कृपा स्वतः मिलेगी : डॉ वसंतविजयजी म.सा.

कृष्णगिरी। श्री पार्श्वपद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम कृष्णगिरी में  सावन मास के शुक्रवार अष्टमी तिथि को पार्श्वप्रभु के 2895 मोक्ष कल्याणक दिवस को हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान गाजे-बाजे से रथयात्रा निकाली गई, पार्श्वप्रभु का पंचधातु की प्रतिमा का दुग्ध अभिषेक व 2895 लड्डूओं का भोग अर्पण किया गया। शक्तिपीठाधिपति, राष्ट्रसंत परम पूज्य गुरुदेव श्रीजी डॉ वसंतविजयजी महाराज साहेब की पावन निश्रा में हुए इस कार्यक्रम के बाद ज्योतिषाचार्य संतश्री वज्रतिलकजी आदि ठाणा–दो ने चैत्यवंदन करवाया। पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा से इसके बाद इन विशाल लड्डूओं के प्रसाद भोग को कृष्णगिरी की सरकारी अस्पतालों के मरीजों एवं जरूरतमंदों में वितरित किया गया। दोपहर बाद तीर्थ धाम में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं यज्ञ महोत्सव में अपनी अमृतमयी प्रवचन में पूज्य गुरुदेवजी डॉ वसंतविजयजी महाराज साहेब ने कहा कि 23वें तीर्थंकर परमात्मा पार्श्व प्रभु की भक्ति, ध्यान करें तो देवी मां पद्मावती की परम कृपा मिलती है। सिद्धांत, संस्कार एवं भक्ति के चमत्कारी पवित्र पावन तीर्थधाम कृष्णगिरी में हर दुख व बीमारी की दवा सच्ची दुआ तथा हवन यज्ञ का धुआं है, जो यहां आता है उसके समस्त कष्ट मां पद्मावती एवं भैरव देव के हवन यज्ञ की आहुतियों में शामिल हो भस्म बन जाता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सोच ऐसी होनी चाहिए कि भक्ति, प्रयास, श्रम व सफलता समतल में रहे। आध्यात्म योगी संतश्रीजी बोले कि व्यक्ति को अपने जीवन की दुख, दरिद्रता की खटास मिटाने के लिए मां पद्मावती की भक्ति में मिठास होनी जरूरी है। विश्वसंत, यतिवर्य डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने कहा कि मनुष्य का विवेक व धन का सदुपयोग ही उसका प्रमुख धर्म है। मनुष्य को हर क्षण, हर पल विवेक व उपयोग से अपने बुरे और पाप कर्मों से बचते हुए अधिकाधिक समय जगतजननी मां पद्मावती की साधना, आराधना व भक्ति में लगाना ही चाहिए। डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने कहा कि जो भी मनुष्य देवी मां पद्मावती के समर्पण के लिए अपने सारे नियम, सिद्धांतों का जीवन में यथाशक्ति-संभव पालन करता है निश्चित ही वह महाआनंद का उपभोग करता है, इसलिए अभी से मां की भक्ति में लीन हो जाएं और हर क्षण उसे याद करते रहें। गुरु भक्त सागरमल चिराग योगेश आबड़ परिवार कृष्णगिरी वालों ने देवी भागवतजी की आरती की तथा हवन यज्ञ का लाभ लिया। कार्यक्रम में देश और दुनिया से बड़ी संख्या में सर्वधर्म, समाज के श्रद्धालु भक्तजन भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूज्य गुरुदेव के अधिकृत यूट्यूब चैनल थॉट योगा पर लाइव प्रसारण किया गया। संगीतकार रामलाल घानेराव एवं महेंद्र वाणीगोता ने संगीतमय भक्ति प्रस्तुति दी। विनोद आचार्य एवं राजू सोनी ने संचालन किया।

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