श्रेष्ठता की चाहत सदैव चिंतन में बनाएं : राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा.

श्रेष्ठता की चाहत सदैव चिंतन में बनाएं : राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा.

कृष्णगिरी तीर्थधाम में श्रीमद् देवी भागवत एवं यज्ञ विधान में पूज्य गुरुदेव बोले, विनयवान शिष्य ही बन सकता है गुरुकृपा का पात्र 

नाग पंचमी पर कृष्णगिरी शक्तिपीठ में नागदेवता व मां पद्मावती का भव्यातिभव्य अभिषेक पूजन होगा 2 अगस्त को

कृष्णगिरी। शिष्य विनयवान हो तो गुरुकृपा का पात्र बन सकता है, एकलव्य एवं द्रोणाचार्य का उदाहरण इसके लिए काफी है। यही नहीं परमात्मा की किसी भी मूर्ति में उनका रूप से नहीं, उनमें ईश्वरीय गुण देखें–पहचानें। ईश्वरीय विद्या कहती है कि वस्तु में ज्ञान, गुण व क्षमता होती है। जीवन परिवर्तनकारी अमृतमय प्रवचन देते हुए कृष्णगिरी शक्तिपीठाधीपति, वचन सिद्ध, राष्ट्रसंत परम पूज्य गुरुदेव श्रीजी डॉ वसंतविजयजी महाराज साहब ने यह विचार रखे। उन्होंने यहां जगविख्यात चमत्कारी तीर्थधाम में 29 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं यज्ञ महोत्सव के 17वें दिन रविवार को कहा कि दुख को सोचने पर वह मिटेगा नहीं, बल्कि सुख का विचार करने पर दुख मिटेगा। शास्त्रोक्त नियमों के अनेक प्रसंग–उदाहरणों के साथ डॉक्टर वसंत विजय जी महाराज साहेब ने कहा कि जानवर कभी भी भूख के लिए नहीं रोते हैं, जबकि मनुष्य समाज खाया–पिया हुआ, अमीर हो या गरीब है फिर भी रोता रहता है। उन्होंने कहा कि दुख या परेशानी कभी पड़ोसी नहीं दे सकते, पतन का कारण स्वयं यह मनुष्य समाज ही है। धन, समृद्धि, आरोग्य तथा श्रेष्ठता की चाहत सदैव मन–चिंतन में बनाए रखने की प्रेरणादायी सीख देते हुए विद्यासागर संत श्रीजी ने कहा कि जो चाहिए उसका चिंतन करें स्वयं का बल प्रकट होगा तो सक्षमता से आगे बढ़ सकेंगे। पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंतजी ने इस दौरान कहा कि जब एक चाय वाला भारत देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, आदिवासी महिला राष्ट्रपति बन सकती है तो विश्वास करें प्रत्येक व्यक्ति कुछ भी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि शाकाहारी तथा नियमित योग–प्राणायाम करने वाला व्यक्ति अन्य लोगों की भांति विजुवली सोचने की अधिक क्षमता रखता है, ऐसे में जीवन में सकारात्मक एवं प्रगति कारक बदलाव आएगा ही। उन्होंने कहा कि भक्ति तभी सफल होगी जब भक्ति में ही मन व समय लगेगा। कार्यक्रम में बेंगलूरु के परम गुरुभक्त परिवार श्रीमती जयश्री बहन विनय कुमार संचेती (एसएम एंटरप्राइजेज) ने श्रीमद् देवी भागवतजी की आरती की। साथ ही इससे पूर्व उन्होंने मां के दरबार में अर्धनारीश्वर भगवान, त्रिशूल, घंटी, विशाल दो दीपक, विविध पूजन सामग्री, 108 किलो घी सहित अनेक सूखे मेवे की मालाएं इत्यादि समर्पित कर पूज्य गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही इस मौके पर आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित पुथुपट्टू गांव में दिवंगत शिव योगी शंकर स्वामीजी के आश्रम से पूजित शिवलिंग भी वहां के शिष्य भक्तों नवीन स्वामी एवं वेंकटेश स्वामी ने शक्तिपीठाधीपति को पूजन हेतु समर्पित किया। उल्लेखनीय है कि गत दिनों दिवंगत होने से पहले स्वामीजी को एक दिवस पूर्व ही स्वप्न में उक्त शिवलिंग कृष्णगिरी धाम में पहुंचाने का संकेत मिला था। देवी भागवत महापुराण वाचन के बाद पद्मावती–भैरव यज्ञ विधान में विद्वान 11 पंडितों द्वारा आहुतियां दी गई। कार्यक्रम का संचालन गुरुभक्त राजू सोनी व विनोद आचार्य ने किया। रामलाल घाणेराव वा महेंद्र वाणीगोता ने संगीतमय प्रस्तुतियां दी। संतश्री वज्रतिलकजी आदि ठाणा–दो सहित देश के विभिन्न शहरों–गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल थॉट योगा पर लाइव किया जा रहा है। 

नागपंचमी पर दो अगस्त को होगा भव्यातिभव्य अभिषेक पूजन 

कृष्णगिरी तीर्थ धाम में विराजित साक्षात चमत्कारी नाग देवता एवं आदिशक्ति, राज राजेश्वरी नागरानी देवी मां पाद्मावतीजी की दुर्लभ प्रतिमा का नाग पंचमी, 2 अगस्त को भव्यातिभव्य अभिषेक पूजन होगा। मगंलवार को पूज्य गुरुदेव श्रीजी डॉ वसंत विजय जी महाराज साहेब की पावन निश्रा में प्रातः 10 बजे जप–पूजा के बाद दोपहर 12 बजे से गुरु भक्तों के कालसर्प दोष, पितृदोष, दुख, संकट, रोग निवारण हेतु हजारों लीटर दूध से अभिषेक पूजन होगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे मां पद्मावती को एक हजार आठ प्रकार के विराट नैवेद्य भोग अर्पण होंगे। रात्रि 8 बजे से नाग पंचमी की विशेष आरती एवं भजन संध्या होगी। देश और दुनिया से इस अभिषेक बाबत सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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