मिसाल बनी कलेक्टर भगवती प्रसाद की एक और संवेदनशील पहल झुग्गी-झौंपड़ियों में रहने वाले 279 परिवार अब सम्मानजन तरीके से रहेंगे चकगर्बी में

मिसाल बनी कलेक्टर भगवती प्रसाद की एक और संवेदनशील पहल झुग्गी-झौंपड़ियों में रहने वाले 279 परिवार अब सम्मानजन तरीके से रहेंगे चकगर्बी में


प्रशासन ने करवाई पानी, बिजली, सड़क और शौचालय जैसी आधारभूत व्यवस्थाएं

बीकानेर, 16 अगस्त। पिछले पच्चीस-तीस वर्षों से श्रीगंगानगर रोड पर झुग्गी-झौंपड़ियां बनाकर रहने वाले लगभग 280 परिवारों का पुनर्वास शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से होने लगा है। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल की संवेदनशील पहल की बदौलत इन सभी परिवारों को अपने भूखंड का मालिकाना हक मिलने की राह आसान हुई है। इन्हें पेयजल, शौचालय, सड़क और सार्वजनिक प्रकाश जैसी आधारभूत सुविधाएं मिली हैं और इसी कारण सभी परिवार प्रशासन के इस निर्णय से पूर्णतया संतुष्ट हैं तथा नेशनल हाइवे के दुर्घटना संभावित क्षेत्र को छोड़कर चकगर्बी में शिफ्ट होने लगे हैं।
नेशनल हाइवे पर बनी यह झौंपड़ियां पूर्णतया अवैध थी। शहर के प्रवेश मार्ग पर होने के कारण यह अच्छा प्रभाव भी नहीं छोड़ती थी और नेशनल हाइवे पर होने की वजह से यहां हर क्षण दुर्घटना होने की संभावना रहती थी। ऐसे में इन झुग्गियों को हटाना बेहद जरूरी था, लेकिन मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सहायता की संवेदनशील भावना के मद्देनजर इन्हें सम्मानजनक तरीके से अन्यत्र शिफ्ट करना भी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। इसी कारण जिला कलक्टर ने लगभग छह महीने पहले इस योजना पर कार्य करना प्रारम्भ किया तथा इन परिवारों के साथ शिफ्टिंग की सहमति बनाने को प्राथमिकता दी गई, जिससे यह प्रयास मिसाल कायम कर सके।
सबसे पहले इन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों का सर्वे करवाया गया। इस दौरान 279 परिवार चिन्हित हुए, जो बीकानेर जिले के रहने वाले थे, लेकिन उनके पास कहीं भी आवासीय भूमि नहीं थी। दूसरे चरण में शहर के आसपास ऐसे संभावित स्थानों का चिन्हीकरण किया गया, जहां इन्हें शिफ्ट किया जा सके। अंत में चकगर्बी में इन परिवारों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सबसे पहले चकगर्बी की इस भूमि की लेवलिंग करवाई गई। फिर यहां 15 गुणा 15 फुट आकार के भूखंडों का चिन्हीकरण किया गया तथा झुग्गियों में रहने वाले 279 परिवारों को इनका आवंटन कर दिया गया है। यहां ट्यूबवेल बनाया गया तथा प्लॉट तक पेयजल कनेक्शन दिए गए। यहां ग्रेवल सड़क भी बनवा दी गई है। सार्वजनिक प्रकाश की व्यवस्था करते हुए यहां रोड लाइटें लगवा दी गई हैं। यह क्षेत्र खुले में शौच से पूर्णतया मुक्त रहे तथा महिलाओं के सम्मान की रक्षा हो, इसके मद्देनजर यहां सार्वजनिक शौचालय भी बनवा दिए गए हैं। इन शौचालयों पर पानी की अस्थाई टंकियां रखवा दी गई हैं।
यहां की गई सभी आधारभूत सुविधाओं के साथ ही जिला प्रशासन के आह्वान पर श्रीगंगानगर रोड की झुग्गियों में रहने वाले परिवारों ने यहां शिफ्टिंग प्रारम्भ कर दी है। इन परिवारों के लिए यहां सामुदायिक भवन भी बनाया जाएगा, जिससे बच्चों के शादी-विवाह जैसे अवसरों में कोई परेशानी नहीं हो। इन सभी परिवारों को भूखंड का मालिकाना हक (पट्टा) भी जल्दी ही दिया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत इनके पक्का आवास बनवाने की कार्यवाही की जाएगी। इतना ही नहीं, इन सभी परिवारों को घरेलू विद्युत कनेक्शन भी दिलवाए जाएंगे।
पिछले तीस वर्षों से श्रीगंगानगर रोड पर झुग्गी में रहने वाले मक्खन लाल सांसी प्रशासन का आभार जताते हुए कहते हैं कि कभी कल्पना ही नहीं की थी, कि उन्हें इतनी बड़ी सौगात मिलेगी। अब वे अपनों के बीच अपने सम्मानजनक तरीके से रह पाएंगे।
वहीं सताईस वर्षों से यहां झुग्गी में रणजीत सांसी ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने गरीबों का ध्यान रखा और इतनी सुविधाएं दी। अब उनका जीवन सुखमय होगा। यहां सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाकर प्रशासन ने सैकड़ों लोगों के मन मे सरकार के प्रति सम्मान बढ़ा दिया है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों के साथ चकगर्बी क्षेत्र का मुआयना किया तथा इन 279 परिवारों के सदस्यों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पढ़ाने तथा महिलाओं और पुरूषों को नशे से दूर रहने के संकल्प का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न योजनाओं की पात्रता का सर्वे करते हुए पात्र व्यक्ति को इन योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ दिलाया जाए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow