क्षमा याचना, पश्चाताप व्यक्ति को आगे बढ़ाने में सहायक : डॉ वसंतविजयजी म.सा.

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क्षमा याचना, पश्चाताप व्यक्ति को आगे बढ़ाने में सहायक : डॉ वसंतविजयजी म.सा.

-16 कलाओंयुक्त चांदनी रात में चंद्रनाड़ी जागृत कर मंत्रशक्तिपात के साथ राष्ट्रसंत गुरुदेव का आशीर्वचन 

–कृष्णगिरी में श्रावण मास में 29 दिवसीय देवी भागवत कथा एवं महायज्ञ का आयोजन 15 जुलाई से 

कृष्णगिरी। देवों के प्रति, पूर्वजों के प्रति या चाहे अपने परिजनों, परिचितों या अपरिचितों के समक्ष हुई जाने-अनजाने किसी भूल अथवा गलती के लिए प्रतिदिन प्रातः उठते ही मात्र 2 मिनट श्रद्धापूर्वक क्षमा याचना व पश्चाताप के भाव से माफी की प्रार्थना करनी चाहिए। व्यक्ति चाहे पूजा पाठ ना करे, मंदिर न जाए लेकिन विनय पूर्वक क्षमा और पश्चाताप के भाव उसे निश्चित ही पथ प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ाने में सार्थक सफल सिद्ध होते हैं। यह कहा श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थधाम के पीठाधिपति, राष्ट्रसंत परम पूज्य गुरुदेव श्रीजी डॉ वसंतविजयजी महाराज साहब ने। वे यहां गुरु पूर्णिमा की सोलह कलाओंयुक्त चांदनी रात में देश और दुनिया के विभिन्न देशों के अनेक गांव-शहरों से आए श्रद्धालु गुरुभक्तों को अपना आशीर्वचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी सांसारिक व्यक्ति को काफी समय से किसी रोग, दुख, भय, परेशानी है अथवा मनवांछित कार्य नहीं हो रहे हैं तो इसका निवारण पश्चाताप रुपी क्षमा के भाव से ही संभव है। वे बोले संतों के वचनों में विश्वास रखेंगे तो भक्ति रुपी शक्ति आपकी सुरक्षा कवच बनकर निश्चित ही चमत्कारिक परिणाम देगी अर्थात दुख कटेंगे व सुख बढ़ेंगे। देर रात्रि से अल सुबह तक चले दिवस विशेष पर देश के सबसे बड़े महामांगलिक अनुष्ठान में पूज्य गुरुदेव के मुखारविंद से समृद्धि प्रदायक 540 विभिन्न देवीय मन्त्रों के शक्तिपात कार्यक्रम में सिद्ध वस्त्र पहने हजारों श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। इससे पूर्व चिदंबरम के विद्वान पंडितों द्वारा पूज्य गुरुदेव की निश्रा में पंच क्रिया युक्त महायज्ञ में आहुतियां दी गई। राष्ट्रसंतश्रीजी के विधिवत पूजन व आरती के साथ संपन्न हुए कार्यक्रम में सभी को दिव्य चमत्कारिक गुरुकृपा यंत्र, रक्षा सूत्र एवं प्रशाद भी वितरित किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण गुरुदेवश्रीजी के अधिकृत यू ट्यूब चैनल थॉट योगा से लाइव प्रसारित किया गया। इस दौरान एक से बढ़कर एक संगीतमय भजन प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झुमने पर मजबूर हुए।

देवी भागवत कथा एवं यज्ञ महोत्सव आज से 

कृष्णगिरी की पावन धरा पर शक्तिपीठ तीर्थ धाम परिसर में श्रावण मास के उपलक्ष में देवी भागवत की महाकथा एवं यज्ञ महोत्सव का आगाज 15 जुलाई, शुक्रवार से होगा। शक्ति पीठाधीपति पूज्य गुरुदेव डॉ वसंतविजयजी म.सा. की पावन निश्रा में स्वयं उन्हीं के मुखारविंद से 29 दिवसीय इस "समृद्धि बरखा" रुपी कथा में श्रद्धालुओं पर कृपामयी आशीर्वाद की बारिश होगी। डॉ संकेश छाजेड़ ने बताया कि शुक्रवार से शुक्रवार 3 चरणों में हो रहे इस दिव्य आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

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