धर्म विरुद्ध मनोरंजन का समर्थन नहीं करें : डॉ वसंतविजयजी म.सा.

धर्म विरुद्ध मनोरंजन का समर्थन नहीं करें : डॉ वसंतविजयजी म.सा.

कृष्णगिरी तीर्थ धाम में 29 दिवसीय भक्ति आराधना में राष्ट्रसंतजी बोले संतों की वाणी सर्वहितकारी 

कृष्णगिरी। भारतीय वैदिक सनातन, धर्म, संस्कृति में पुराण कथाओं का सही मायने में अर्थ ही यही है कि प्राणी के कानों में पड़ने वाले प्रत्येक शब्द उसकी अंतरात्मा को शुद्ध व पवित्र कर देते हैं, निश्चित ही मन का शुद्ध होना जरूरी है अन्यथा किसी भी यज्ञ का प्रतिफल भी निष्फल होगा। श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठाधीपति, राष्ट्रसंत, सर्वधर्म दिवाकर पूज्य गुरुदेवश्रीजी डॉ वसंतविजयजी म.सा. ने गुरुवार को यहां कहा कि कर्म क्रियाओं से आया हुआ दुख आदि दैविक, आदि भौतिक एवं आदि आध्यात्मिक है। उन्होंने कहा कि ईश्वर द्वारा प्रदत्त मानव जीवन में डिप्रेशन, शोक, चिंताएं मिटाने के लिए देवी–देवताओं की महिमा गुणों का गान करने वाली कथा पुराणों का सार सर्वस्व सकारात्मकता को प्रसारित करता है। कृष्णगिरी, शक्तिपीठ तीर्थधाम में श्रावण मास विशेष पहली बार 29 दिवसीय श्रीमद् देवीभागवत कथा महापुराण एवं यज्ञ महोत्सव के सातवें दिन सुधुम्न राजा एवं देवी मां के एक प्रसंग का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने संतवाणी को सर्वहितकारी बताते हुए कहा कि देवी भागवत कथा आसुरी शक्तियों का विनाश कर हमारे जीवन के उद्धार की प्रबल प्रेरणा के साथ हमें आगे बढ़ाती है। राजराजेश्वरी जगतजननी देवी मां की शरण में आने वाले भक्तों की भक्ति उसके समस्त संकटों को जड़ से नष्ट कर देती है। प्लेसिबोय इफेक्ट व मैग्नेटिक एनर्जी को शास्त्रोक्त वैज्ञानिक प्रमाण के साथ सुख वैभव से जोड़ते हुए डॉ वसंतविजयजी महाराज साहेब ने कहा कि दान धर्म जैसी क्रियाएं भी व्यक्ति को आत्मिक सुख शांति एवं समृद्धि प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कथा प्रवचन के दौरान पूज्य गुरुदेवश्रीजी ने युवाओं के नाम आह्वान करते हुए कहा कि बॉलीवुड में स्नातक विरोधी कथित एजेंडे को समझना होगा। उन्होंने कहा कि धर्म विरुद्ध किसी प्रकार के मनोरंजन का समर्थन कतई नहीं होना चाहिए। उन्होंने हमारे धर्म संस्कार एवं परंपराओं के फूहड़ प्रदर्शन और जड़ों को नष्ट करने वाले मनोरंजन को सीधे रुप में विरोध के साथ नकारने की बात पर जोर दिया। सजीव हो या निर्जीव उनके धन्यवाद एवं क्षमाभाव के गुणों पर भी पूज्य गुरुदेव ने विस्तार से प्रकाश डाला। कथा पश्चात हवन–यज्ञ में आहुतियां दी गई। देश ही नहीं दुनिया के अनेक शहर प्रांतों से आए श्रद्धालु भक्त इस दिव्य भक्ति आराधना यज्ञ महोत्सव का लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण संतश्रीजी के अधिकृत यूट्यूब चैनल थॉट योगा पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow