कृष्णगिरी में उल्लासमय श्रीमद् देवीभागवत कथा एवं यज्ञ महोत्सव जारी

कृष्णगिरी में उल्लासमय श्रीमद् देवीभागवत कथा एवं यज्ञ महोत्सव जारी

संतों की कृपा पाने के लिए योग्यवान बनें : डॉ वसंतविजयजी मसा

–चमत्कारिक दिव्य दृष्टि से भक्तों के दुःख बताकर संतश्रीजी दे रहे समृद्धि का आशीर्वाद 

कृष्णगिरी। श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ धाम के पीठाधीपति, राष्ट्रसंत, सर्वधर्म दिवाकर, साधना के शिखर पुरुष पूज्य गुरुदेवश्रीजी डॉ वसंतविजयजी महाराज साहेब ने कहा कि संतों की कृपा पाने के लिए व्यक्ति का योग्यवान होना आवश्यक है। योग्यता सच्चे हृदय से सेवा भक्ति करने से आती है। सोमवार को यहां तीर्थ धाम परिसर में श्रावण मास के उपलक्ष में 29 दिवसीय भक्ति आराधना एवं यज्ञ महोत्सव के तहत श्रीमद् देवी भागवत कथा वाचन के चतुर्थ दिन उन्होंने राजा शांतनु, परीक्षित एवं जन्मेजय के प्रसंग तथा पितृभक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला। शब्द की महिमा को भी मय उदाहरण के उल्लेखित किया। संतश्रीजी ने कहा कि विश्व विख्यात मां पद्मावती के पावन कृष्णगिरी तीर्थ धाम में नौकर की भांति सेवा देने वाला संसार में राजा बनकर ऐश्वर्य सुख प्राप्त करता है। उन्होंने विकार से संरक्षण की बात पर बल देते हुए कहा कि व्यक्ति के तन एवं मन की गंदगी रुपी विकृति को मां की स्मृति, स्वरूप का दर्शन ही मिटा सकती है। व्यक्ति के जीवन में सर्वशक्ति को प्राप्त करने एवं परिवर्तित बदलाव पर अपने प्रवचन के दौरान पूज्य गुरुदेव ने अनेक मुद्राओं के अभ्यास की जानकारी भी दी। वे बोले, सकारात्मक सोच के साथ सुरभि मुद्रा एवं चुंबकीय मुद्रा का नियमित अभ्यास व्यक्ति को हर क्षेत्र में सक्षम, सम्पन्न व समृद्ध बनाता है। संतश्रीजी ने देवी भागवत के 5 लक्षणों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता का सदैव सम्मान एवं गुणगान करना चाहिए। उन्होंने बताया देवी भागवत कथा कहती है कि हर समस्या का समाधान माता–पिता एवं गुरु की भक्ति में भी है। इस दौरान कथा पंडाल में मौजूद अनेक दुखी लोगों के भूत, वर्तमान की जानकारी बताते हुए एवं भविष्य के कल्याण का आशीर्वाद भी संतश्रीजी ने अपनी दिव्य दृष्टि से जानकर प्रदान किया। उन्होंने कहा, किसी मंदिर अथवा तीर्थ क्षेत्र में झाड़ू लगाकर अथवा सफाई करके व्यक्ति अपने घर–परिवार के पाप·संताप मिटा सकता है। मंदिर में भोजन करवा कर अपने आने अनेक वाली पीढ़ियों के समुचित अन्न–भोजन की व्यवस्था स्वत: कर लेता है। संतश्री वज्रतिलकजी सहित देश के विभिन्न शहरों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त कथा श्रवण, हवन यज्ञ दर्शन का लाभ ले रहे हैं। कार्यक्रम में संगीतकार रामलाल घाणेराव ने संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी। विनोद आचार्य  दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। चिदंबरम नटराज मंदिर के 11 विप्र पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ में आहुतियां दी जा रही है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूज्य गुरुदेव के अधिकृत वेरिफाईड यूट्यूब चैनल थॉट योगा पर लाइव प्रसारित किया जा रहा है।

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