अवैधानिक रुप से कत्लखाने ले जाए जा रहे अनेक ऊंटों को बचाया 

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अवैधानिक रुप से कत्लखाने ले जाए जा रहे अनेक ऊंटों को बचाया 

जीव दया के क्षेत्र में सक्रिय श्रीमती शारदा चौधरी ने दी जानकारी 

बेंगलूरु। राजस्थान से गुजरात होते हुए कर्नाटक के मार्ग से तमिलनाडु प्रांत में क़त्ल खानों में अवैध रूप से ले जाए जा रहे बड़ी संख्या में ऊंटों को बचाया गया है। जैन समाज के अनेक सामाजिक संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से तमिलनाडु के कृष्णगिरी जिला अंतर्गत हुडको पुलिस थाने ने कार्यवाही करते हुए 60 में से करीब 18 ऊंटों को राजस्थान की सिरोही स्थित गो एवं ऊंट शाला के लिए रवाना करवाया है। अंतरराष्ट्रीय गौ रक्षा सेवा समिति की महिला इकाई की राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती शारदा जवाहर चौधरी ने बताया कि कोरमंगला स्थित नकुंडी गौशाला के अध्यक्ष किशनलाल जैन, गौतम चंद धारीवाल, गोज्ञान फाउंडेशन के संजय शर्मा सहित अनेक लोगों की सामूहिक सहयोगी पहल से जीव दया के क्षेत्र में इन निरीह प्राणियों को बचाया गया। हुड़को थानांतर्गत दर्ज हुए इस मामले में यह ऊंट अवैध रूप से ले जाए जा रहे थे। श्रीमती शारदा ने बताया कि राजस्थान के जहाज अर्थात मरुस्थलीय इस जीव का कानूनन दृष्टिकोण से दक्षिण भारत के राज्यों में आवागमन प्रतिबंधित है। पुलिस एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सिरोही की ऊंट शाला में इन ऊंटों को सड़क मार्ग से भिजवाया गया है। श्रीमती शारदा चौधरी ने बताया कि इस दौरान हैदराबाद से ध्यान फाउन्डेशन के सुरेश भंडारी, सरवनबाला पोखरणा व हितेश ठेकेदार भीनमाल, कामधेनु गौशाला की अध्यक्ष पुष्पा बोहरा नंदा मेहता, मधु तातेड़, नीतू राठौड़, डॉ अंजलि, श्रीमती उषा मुथा, रसीला मरलेचा, प्रभा सालेचा, अनीता सामर और राजुल संचेती आदि अनेक सेवाभावी लोगों ने इस जीव दया के क्षेत्र में सहयोग प्रदान किया।

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