NRCC ने 'सेव कैमल' अभियान में निभाई सहभागिता, उष्ट्र दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी

NRCC ने 'सेव कैमल' अभियान में निभाई सहभागिता, उष्ट्र दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी

बीकानेर, 18 अगस्त। भाकृअनुप- राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) द्वारा बीएसएफ के "सेव कैमल' अभियान रैली कार्यक्रम के साथ उष्ट्र दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई।

केन्द्र निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने बताया कि बीएसएफ की ओर से ऊंट प्रजाति के संरक्षण के ध्येय से यह रैली प्रारंभ की गई है। एनआरसीसी द्वारा ऊंटों की समसामयिक उपयोगिता को उजागर करने के दृष्टिकोण से ऊंटनी के दूध से विकसित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। डॉ. साहू ने जानकारी दी कि संसदीय कार्य और संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा केंद्र की इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। मंत्री द्वारा दुग्ध उत्पादों का रसास्वादन किया तथा एनआरसीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने मधुमेह आदि के प्रबंधन में ऊंटनी के दूध के इस्तेमाल हेतु प्रोत्साहित भी किया।
डॉ. साहू ने कहा कि बदलते परिवेश में उष्ट्र संरक्षण एवं विकास के तहत ऊँटनी के दूध में औषधीय गुणधर्मों को ध्यान में रखते हुए इस प्रजाति को एक दुधारू पशु के रूप में स्थापित करने की ठोस कवायद जारी हैं साथ ही उष्ट्र पर्यावरणीय-पर्यटन (कैमल इको-टूरिज्म) विकास पर भी केंद्र का खासा जोर है ताकि दुग्ध व्यवसाय व पर्यटन उद्यम से ऊंट पालक व किसान भाई अपनी आमदनी को बढ़ा सकें। बीएसएफ के डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने भी केंद्र की इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने भी इस प्रजाति के दूध व पर्यटन को "सेव कैमल' का मुख्य आधार बताते हुए इस अभियान रैली को इस उद्देश्य से जोड़ा। प्रदर्शनी कार्यक्रम में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर.के. सावल व डॉ. शांतनु रक्षित, वैज्ञानिक ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

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