परमात्मा व संतों का नियमित दर्शन श्रद्धा का प्रतीक : डा. वसंतविजयजी म.सा.

परमात्मा व संतों का नियमित दर्शन श्रद्धा का प्रतीक : डा. वसंतविजयजी म.सा.

–कृष्णगिरी तीर्थधाम में 5 अगस्त को पार्श्व प्रभू के मोक्ष कल्याणक दिवस पर 2875 मोक्ष लड्डूओं का लगेगा भोग 

–श्रद्धालुओं को धन–वैभव हेतु पूज्य गुरुदेवजी ने गुरुपुष्य दिवस पर अद्भुत चंद्रयोग महासिद्धी प्रयोग की दी जानकारी 

कृष्णगिरी। परमात्मा के मंदिर में, तीर्थ स्थान या किसी भी संत का नियमित दर्शन-वंदन श्रद्धा का प्रतीक है, यही नहीं किसी भी तीर्थ धाम अथवा परमात्मा की प्रतिमा व स्थान की विशिष्टता में भक्तिभाव से श्रद्धालू के ग्रहण करने की क्षमता पर निर्भर करती है। यह कहा कृष्णगिरी के विश्वविख्यात श्रीपार्श्वपद्मावती शक्तिपीठाधिपति, राष्ट्रसंत डॉ श्रीवसंतविजयजी म.सा. ने। वे 
यहां शक्तिपीठ में श्रावण मास विशेष 29 दिवसीय भक्ति आराधना एवं यज्ञ महोत्सव के तहत श्रीमद् देवी भागवत महापुराण वाचन कर रहे हैं। चमत्कारिक रुप से आयोजन के 14वें दिन उन्होंने बताया कि गुरु पुष्य नक्षत्र अमृत योग में गुरु भक्ति का अनन्त लाभ मिलता है।
संतश्रीजी ने इस अवसर पर प्रभु आराधना में स्थान, समय प्रबंधन, वस्त्र एवं धर्म ध्यान की एकाग्रता की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रभु भक्ति में विश्वास रखने तथा भाव प्रधानता की महिमा बताते हुए कहा कि प्रेम और सत्य पर टिके हैं परमात्मा। इस दौरान देवी भागवत कथा में शुभ–निशुंभ का वध प्रसंग व मां की महिमा, शक्ति, गुणों को अनंत बताते हुए डॉ वसंतविजयजी महाराज साहेब ने कहा कि कृष्णगिरी वाली पद्मावती के दरबार में श्रद्धा से आएं, संसार का सुख तो मिलेगा ही जन्म जन्मांतर की अज्ञानता भी मिट जाएगी। यहां आकर संत चरणों में ज्ञान व गुण मिलेगा। राष्ट्रसंतजी ने भारतीय सनातन संस्कृति की पालना करने व स्वदेशी–स्थानीय उत्पाद अपनाने की सीख भी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के समक्ष अनेक मुद्राएं शरीर को सुदृढ़ कर अनेक कार्य सिद्ध करती है। साथ ही उन्होंने श्रद्धालु भक्तों को धन वैभव के लिए चंद्र योग महासिद्धि प्रयोग भी बतलाया। तीर्थ धाम में आगामी 5 अगस्त को 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्व प्रभू के मोक्ष कल्याणक दिवस पर भव्य मोक्ष मंगल रथ यात्रा व 2875 मोक्ष लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इससे पहले 2 अगस्त को यहां नाग पंचमी पर्व पर कालसर्प दोष निवारक नागदेवता के हजारों लीटर दूध एवं पंचामृत से अभिषेक पूजन तथा 1008 प्रकार के फल, मेवा, मिष्ठान का भोग अर्पण होगा। आयोजन की पूर्णाहुति 12 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व दिवस विशेष पर भी 108 चांदी के रक्षा सूत्र बहनें अपने भाइयों को तीर्थ धाम में बांधेगी। इस दिन भी एक हजार आठ प्रकार के प्रसाद भोग देवी मां पद्मावती को अर्पण किए जाएंगे। जगतजननी राजराजेश्वरी पद्मावती मां एवं पूज्य गुरुदेव के अनंत उपकारी–चमत्कारी कृपा से देश के विभिन्न शहरों में श्रद्धालु भक्तों के मकान, नौकरी, प्रमोशन, ऋण मुक्ति, स्वास्थ्य लाभ, विदेश यात्रा इत्यादि अनेक दुर्लभ मनवांछित कार्यों के अनुभव के प्रसंगों को भी संचालक विनोद आचार्य ने मय मोबाइल नंबर व नाम के उल्लेख के साथ लाइव बताया। बेंगलूरु से गुरुवार को संघ के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी धाम में दर्शन, भक्ति का लाभ लिया। गुरुभक्त अनिल कांकरिया ने देवी भागवतजी की आरती व हवन यज्ञ का लाभ लिया। पूज्य गुरुदेवश्रीजी की निश्रा में कथा वाचन पश्चात् प्रतिदिन की भांति हवन यज्ञ में आहुतियां दी गई। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण थॉट योगा पर लाइव प्रसारण किया गया।

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