अकाल से शुरू सेवा के संस्कार अनवरत जारी, अब गौसेवा के लिए आगे आया मोहता ट्रस्ट

अकाल से शुरू सेवा के संस्कार अनवरत जारी, अब गौसेवा के लिए आगे आया मोहता ट्रस्ट

बीकानेर, 18 सितंबर। राजस्थान के बीकानेर संभाग मुख्यालय स्थित मौजीज प्राचीन संस्था मोहता चैरिटेबल ट्रस्ट एवं मोहता आयुर्वेदिक रसायनशाला के छप्पनिया अकाल से शुरू हुए जन सेवा के संस्कार आज भी चल रहे हैं। मोहता परिवार के विरेन्द्र मोहता की प्रेरणा से मोहता आयुर्वेदिक रसायनशाला की ओर से प्रतिकारवर्धक प्रवाही काढ़ा देकर लंपी रोग से पीड़ित गऊओं की सेवा की जा रही है। ट्रस्ट के व्यवस्थापक योगेश पुरोहित के नेतृत्व में भीनासर स्थित मुरली मनोहर गौशाला में जानलेवा लंपी से पीड़ित गायों की सेवा सुश्रुषा की जा रही है। इन गायों के लिए मोहता रसायनशाला ने एक विशिष्ट आर्युवेदिक काढ़े का निर्माण किया है और इस काढ़े के सेवन से जहां बीमारी से ग्रसित गायों को आराम मिल रहा है और वे ठीक हो रही हैं वहीं लंपी की चपेट में आने से वंचित गोवंश इस काढ़े के सेवन से बच भी रहा है। पुरोहित ने बताया कि मुरली मनोहर गौशाला में क्वांरटीन सेंटर बनाया गया है और वहां गायें क्वांरटीन की गयी है। भगत सिंह यूथ क्लब भी ट्रस्ट के इस पुनीत कार्य में पूरा सहयोग कर रहा है। क्लब के कार्यकर्ता लंपी से पीड़ित पशुओं की लगातार सेवा कर रहे हैं तथा उन्हें दोनों समय काढ़े का सेवन करा रहे हैं। यदि इन कार्यकर्ताओं को सूचना मिलती है कि कहीं कोई गाय लंपी से पीड़ित है तो उसे अपने स्तर पर मोहता ट्रस्ट के सहयोग से मुरली मनोहर गौशाला में क्वांरटीन कराने में लग जाते हैं। पुरोहित के साथ राजेश जोशी, ओमसिंह राजपुरोहित, ठाकुर बाणिया, राजीव तेजस्वी, अरुण सुथार इत्यादि कार्यकर्ता इस महती सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। मोहता रसायनशाला द्वारा इस अभियान के अंतर्गत अब तक 100 लीटर काढ़े का निशुल्क वितरण मुरली मनोहर गौशाला बीकानेर तथा सरदाशहर की गौशाला में किया जा चुका है और ये वितरण अभी भी जारी है। ज्ञात हो कि मोहता ट्रस्ट और परिवार सन 1956 में पड़े भीषण अकाल के दौरान की गई सेवाओं के लिए आज भी नगर में प्रतिष्ठित है। इस ट्रस्ट द्वारा समय समय पर आवश्यकतानुसार समाज में अपनी सेवाएं दी गई हैं। कोविड के दौरान भी इस संस्था ने उल्लेखनीय कार्य किए।

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